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डॉ कंचन प्रभा , पुष्पेंद्रAbstract: स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्र-निर्माण, राजनीतिक स्थिरता तथा प्रशासनिक व्यवस्था के पुनर्गठन की थी। इस ऐतिहासिक दौर में पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं ने भारत के राजनीतिक विकास की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों नेताओं की राजनीतिक दृष्टि, रणनीति और प्रशासनिक दृष्टिकोण में कई समानताएँ होने के साथ-साथ महत्वपूर्ण अंतर भी देखने को मिलते हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य नेहरू और पटेल के राजनीतिक चिंतन का तुलनात्मक अध्ययन करना तथा यह समझना है कि उनके विचारों और नीतियों ने स्वतंत्र भारत की राजनीतिक संरचना और राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया को किस प्रकार प्रभावित किया। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि नेहरू का दृष्टिकोण अधिक उदारवादी, समाजवादी और अंतरराष्ट्रीयतावादी था, जबकि पटेल का दृष्टिकोण यथार्थवादी, प्रशासनिक रूप से व्यावहारिक और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता देने वाला था। इन दोनों नेताओं की विचारधाराओं और नीतियों ने मिलकर आधुनिक भारत की राजनीतिक संरचना को आकार दिया। |
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